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शेयर बाजार में कौन सा बैंक खरीदें

शेयर बाजार में कौन सा बैंक खरीदें
शेयर बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों ने लगाई तेज छलांग (फोटो- Indian Express Archive)

Share Market: बजट के बाद से PSU बैंक शेयर होल्डर्स की हुई चांदी, SBI जैसे बड़े हाथी ने लगाई अब तक की लंबी छलांग

पीएसयू बैंक इंडेक्स की बात की जाए तो सोमवार एक फरवरी को आम बजट के दिन से इस इंडेक्स में बंपर तेजी देखने को मिल रही है. बजट के दिन पीएसयू इंडेक्स ने 1850 से 1950 के स्तर से ऊपर का सफर तय किया था.

By: एबीपी न्यूज़ | Updated at : 05 Feb 2021 07:51 PM (IST)

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. शेयर बाजार में हर दिन एक नया रिकॉर्ड देखा जा रहा है. सेंसेक्स जहां 51 हजार का स्तर छू चुका है तो वहीं निफ्टी भी 15 हजार का स्तर छू चुकी है. बजट के बाद से पीएसयू बैंकों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. वहीं एसबीआई जैसे बड़े पीएसयू स्टॉक ने भी लंबी छलांग लगाई है और इस इंडेक्स में काफी आगे है.

पीएसयू बैंक इंडेक्स की बात की जाए तो सोमवार एक फरवरी को आम बजट के दिन से इस इंडेक्स में बंपर तेजी देखने को मिल रही है. बजट के दिन पीएसयू इंडेक्स ने 1850 से 1950 के स्तर से ऊपर का सफर तय किया था. इसके बाद आज शुक्रवार 5 फरवरी तक पीएसयू इंडेक्स 2390 तक का हाई बना चुका है. वहीं आगे भी पीएसयू बैंक इंडेक्स में तेजी की उम्मीद की जा रही है.

ऑल टाइम हाई पर एसबीआई

वहीं पीएसयू बैंक इंडेक्स में सबसे बजिंग स्टॉक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) है. एसबीआई का शेयर लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. बजट के दिन एसबीआई ने 290 से 310 रुपये तक का सफर तय किया और सिर्फ पांच दिनों के भीतर ही एसबीआई का शेयर 408.35 रुपये तक पहुंच चुका है. इसके साथ ही एसबीआई नया 52 वीक हाई भी बना चुका है. वहीं 408.35 रुपये एसबीआई का ऑल टाइम हाई प्राइज भी बन चुका है.

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इनमें भी तेजी

पीएसयू बैंकों में एसबीआई के अलावा इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, पीएनबी और जेके बैंक में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. इंडियन बैंक पांच दिनों में ही 90 रुपये से 136 रुपये तक दौड़ चुका है. कैनरा बैंक 132 रुपये से 171 रुपये तक का उछाल सिर्फ पांच दिन में दिखा चुका है. वहीं पीएनबी भी 33 रुपये से 42 रुपये तक का जंप लगा चुका है. इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर पांच दिन के भीतर ही 68 रुपये से 88 रुपये तक का हाई लगा चुका है.

पीएसयू बैंक इंडेक्स को लेकर आशिका स्टॉक ब्रोकिंग के अध्यक्ष इक्विटीज पारस बोथरा ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि पीएसयू बैंक पहले से ही काफी कम वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे थे लेकिन पीएसयू बैंक को लेकर बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से किए गए ऐलान के बाद शेयर बाजार में कौन सा बैंक खरीदें से इनमें तेजी बनी हुई है. इसके पीछे वजह है कि निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था कि बैड एसेट को ट्रांसफर किया जाएगा और बैंकों में पूंजी डाली जाएगी. यह पीएसयू बैंकों के लिए एक ट्रिगर के समान था. जिसके बाद से इनमें तेजी देखने को मिल रही है.

शेयर बाजार में कमाई: देखिए कौन से शेयर से आपको फायदा और घाटा होगा, फंड हाउस खरीद रहे हैं ये स्टॉक

अगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं तो यह आपको जानना बहुत जरूरी है। नवंबर महीने में देश के दो सबसे बड़े फंड हाउस ने कौन सा शेयर खरीदा है और कौन सा बेचा है, इसे आप देखकर निवेश का फैसला ले सकते हैं। क्योंकि फंड हाउस के पास सालों से फंड को मैनेज करने की अनुभवी टीम होती है, जो बस शेयर खरीदने और बेचने का काम करती है।

एचडीएफसी ने कोल इंडिया का 80 लाख शेयर बेचा

देश के दूसरे नंबर के म्यूचुअल फंड HDFC म्यूचुअल फंड ने नवंबर महीने में कोल इंडिया का 80 लाख शेयर खरीदा है। कोल इंडिया विश्व की एकमात्र सबसे बड़ी कोयले की उत्पादक कंपनी है। HDFC में निवेश का मुख्य फैसला प्रशांत जैन करते हैं और उनकी टीम इसे पूरा करती है। इस फंड हाउस ने सरकारी कंपनियों के शेयरों पर दांव लगाया है। रूरल इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन (REC) शेयर बाजार में कौन सा बैंक खरीदें में इसने 40 लाख शेयर खरीदे हैं। जबकि ITC के भी 40 लाख शेयर खरीदे हैं।

आईटीसी का लक्ष्य 265 रुपए हुआ

ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस जैफरीज ने आईटीसी का लक्ष्य 265 रुपए का रखा है। यह शेयर अभी 213 रुपए के आस-पास चल रहा है। इसका बिजनेस कई सेक्टर्स में है। कोविड में इसे इसका फायदा हुआ है। इसी तरह इस फंड हाउस ने शेयर बाजार में कौन सा बैंक खरीदें सन फार्मा, गेल, फेडरल बैंक, जमना ऑटो, हिंडालको, वेदांता, ल्युपिन, एचसीएल टेक्नोलॉजी, हिंदुस्तान एरोनाटिक्स आदि में भी जमकर खरीदी की है। इन कंपनियों का शेयर मार्च के निचले स्तर से अब तक 55 पर्सेंट से डेढ़ गुना तक बढ़ चुका है।

आईसीआईसीआई बैंक का 1 करोड़ शेयर बेचा

हालांकि इस फंड हाउस ने आईसीआईसीआई बैंक के एक करोड़ शेयर बेच डाले हैं। अंबूजा सीमेंट, टाटा स्टील, पावर ग्रिड और पंजाब नेशनल बैंक और पावर ग्रिड के 50-50 लाख शेयरों की बिक्री की है। यानी इन शेयरों में आगे तेजी नहीं होने की संभावना है। कुल मिलाकर इसने 76 शेयरों में नवंबर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। जबकि 92 शेयरों में हिस्सेदारी घटा दी है।

बैंक ऑफ बड़ौदा में खरीदारी

सेक्टर की बात करें तो फंड हाउस ने बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में एक एक लाख शेयर खरीदा है। इसने बजाज ऑटो में 13 हजार और मारुति सुजुकी में 60 हजार शेयर खरीदा है। महिंद्रा एंड महिंद्रा का 2.46 लाख शेयर खरीदा है। इसके अलावा कैडिला हेल्थकेयर, भारत डायनॉमिक्स, एयरटेल, डीएलएफ, अदाणी पोर्ट, रेडिको खेतान, टाइटन और एलएंटडी टेक्नोलॉजी में भी इस फंड हाउस ने खरीदी की है।

बाटा, कोलगेट का पूरा शेयर बेचा

बाटा इंडिया, कोलगेट, नालको, वीआईपी इंडस्ट्रीज से यह फंड हाउस पूरी तरह निकल गया है। इसने अशोक लेलैंड, डाबर, माइंडस्पेस और सन टीवी जैसे शेयरों में नई खरीदारी की है। अशोक लेलैंड का शेयर 6 महीने में 80 पर्सेंट बढ़ गया है। मारुति का लक्ष्य बढ़ाकर 8,677 रुपए कर दिया गया है। उधर देश के सबसे बड़े फंड हाउस SBI म्यूचुअल फंड ने कुछ शेयरों पर दांव खेला है। इसने स्माल और मिड कैप में खरीदारी की है। इसने सरकारी कंपनी NHPC का एक करोड़ शेयर खरीदा है। यह शेयर 22 रुपए पर है। पावर की खपत बढ़ने से कंपनी को इसमें तेजी दिख रही है।

फेडरल बैंक, वी गार्ड में खरीदारी

इसके अलावा इसने फेडरल बैंक, फिनोलैक्स इंडस्ट्रीज, वी-गार्ड जैसी कंपनियों में 10 से 55 लाख शेयरों की खरीदी की है। सोलर इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई लोंबार्ड, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों की भी इसने खरीदी की है। एसबीआई म्यूचुअल फंड ने एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारती एयरटेल के शेयरों की बिक्री की है। इसने गेल इंडिया, एसबीआई, हिंडालको और आईटीसी में खरीदी की है।

आईटीसी को लेकर तेजी का नजरिया है। इसने एसबीआई, ग्लैंड फार्मा, शोभा के शेयरों में खरीदी की है। यह फंड हाउस 4.58 लाख करोड़ रुपए के असेट को मैनेज करता है।

Stock Market: 52 हफ्तों के हाई लेवल पर SBI के शेयर, BOB के स्‍टॉक में 10 फीसदी की उछाल

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रॉफिट 74 फीसदी बढ़कर सितंबर तिमाही में 132.64 अरब रुपये हुआ है, जोकि पिछले तिमाही में 105.30 अरब रुपये के प्रॉफिट से अधिक है।

Stock Market: 52 हफ्तों के हाई लेवल पर SBI के शेयर, BOB के स्‍टॉक में 10 फीसदी की उछाल

शेयर बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों ने लगाई तेज छलांग (फोटो- Indian Express Archive)

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयर सोमवार (7 नवंबर 2022) को 5 प्रतिशत के करीब बढ़कर ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया। देश के सबसे बड़े बैंक के शेयर में रैली का कारण लोन और नेट प्रॉफिट में ग्रोथ के कारण हुआ है। वहीं इंट्राडे के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में भी तेज रैली देखी गई है। इसके शेयरों ने एनएसई पर करीब 10 फीसदी की छलांग लगाई है।

सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ओपेन होते ही कंपनी के शेयर 4.8 परसेंट बढ़ गए, जिसके बाद कंपनी का स्‍टॉक 622.70 रुपये के स्‍तर पहुंचा गया। एसबीआई के शेयर मिड अक्‍टूबर से अभी तक 17 फीसदी तक रिटर्न दे चुके हैं, जो एक साल के दौरान दिया गया रिटर्न भी है। हालांकि कंपनी के शेयर ने छह महीने में 29.03 फीसदी रिटर्न दिया है, जबकि वाईटीडी के दौरान यह स्‍टॉक 30.43 प्रतिशत तक रिटर्न दे चुका है।

SBI के शेयर प्राइज टारगेट अनुमान

आंकड़ों से पता चलता है कि सप्‍ताह के अंत में एसबीआई के नतीजों के बाद से स्टॉक को कवर करने वाले 40 ब्रोकरेज में से कम से कम 25 ने प्राइज टारगेट बढ़ा दिए हैं। ब्रोकरेज ने एवरेज प्राइज टारगेट को 660 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये कर दिया है।

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बैंक ऑफ बड़ौदा के स्‍टॉक में 10 फीसदी की उछाल

वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रॉफिट और लोन बढ़ोतरी के कारण बीओबी के शेयरों ने सोमवार को बड़ी तेजी दिखाई और इंट्राडे के दौरान एनएसई पर निवेशकों को 10 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। सोमवार, 1.30 बजे बीओबी के शेयर 8.47 प्रतिशत के छलांग के साथ 156.75 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। छह महीने के दौरान इसने 51.86 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। शेयर बाजार में कौन सा बैंक खरीदें वहीं एक साल के दौरान इस स्‍टॉक ने 48.41 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है।

SBI और BOB को कितना हुआ मुनाफा

गौरतलब है कि स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रॉफिट 74 फीसदी बढ़कर सितंबर तिमाही में 132.64 अरब रुपये हुआ है, जोकि पिछले तिमाही में 105.30 अरब रुपये के प्रॉफिट से अधिक है। इसके अलावा, बैंक ऑफ बड़ौदा ने सितंबर को समाप्त तिमाही के लिए 3,313.42 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो एक साल पहले की तुलना में 58.7 प्रतिशत अधिक है।

इन 3 बैंकों में कमाई के शानदार मौके, 20 रुपये से भी सस्ता है शेयर, केवल एक महीने में दिया है 50% से ज्यादा रिटर्न

इन तीन बैंकों में निवेश कर कमाई का सुनहरा मौका है. पिछले एक महीने में ही इन शेयरों ने 50 फीसदी तक रिटर्न दिया है. सरकार ने हाल फिलहाल में इनके लिए कुछ बड़ी घोषणा की है.

इन 3 बैंकों में कमाई के शानदार मौके, 20 रुपये से भी सस्ता है शेयर, केवल एक महीने में दिया है 50% से ज्यादा रिटर्न

TV9 Hindi | Edited By: शशांक शेखर

Updated on: Mar 13, 2021 | 3:05 PM

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं और कैलकुलेटेड जोखिम लेने के लिए तैयार हैं तो आपके लिए यह निवेश का सुनहरा मौका है. कोरोना के कारण बैंकों की हालत खराब हो गई है. ऐसे में बजट में सरकार ने बैंकों की वित्तीय हालत में सुधार के लिए कई तरह की घोषणाएं की थी. NPA समस्या को सुलझाने के लिए बैड बैंक पर काम जारी है. इसके अलावा अगले वित्त वर्ष (2021-22) में पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए 20 हजार करोड़ रुपए री-कैपिटलाइजेशन के लिए घोषित किया गया है. चालू वर्ष में भी 20 हजार करोड़ की पूंजी बैंकों के लिए रखी गई थी.

आज आपको तीन ऐसे पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें कमाई का सुनहरा मौका है. सबसे अच्छी बात ये है कि इन बैंकों के शेयर का भाव 20 रुपए से भी कम है. पिछले एक महीने में ही इन शेयरों ने 50 फीसदी तक रिटर्न दिया है. सरकार ने हाल फिलहाल में इनके लिए कुछ बड़ी घोषणा की है. इसके कारण आने वाले दिनों में इनके शेयरों में तेजी की पूरी संभावना है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ‘प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन’ (PCA) फ्रेमवर्क के अंतर्गत रखे गए कमजोर बैंकों की फाइनेंशियल हेल्थ को सुधारने के लिए बड़ा फैसला किया है. सरकार PCA फ्रेमवर्क मे शामिल इन बैंकों में अगले कुछ दिनों में 14,500 करोड़ रुपए डाल सकती है.

इन तीन बैंकों में कमाई के मौके

इस समय इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) और यूको बैंक (UCO Bank) पर पीसीए नियमों की पाबंदी लागू है. इन पर लोन देने , प्रबंधकों का वेतन-भत्ता और डायरेक्टर्स की फीस बढ़ाने पर रोक है.सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने पूंजी देने को बैंकों की पहचान कर ली है. पूंजी अगले कुछ दिनों में डाली जाएगी. इससे उन बैंकों को ज्यादा लाभ होगा जो तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई रूपरेखा (PCA) के अंतर्गत हैं. इस हफ्ते भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के नियंत्रण वाले आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को वित्तीय प्रदर्शन में सुधार के आधार पर करीब चार साल बाद आरबीआई की पीसीए फ्रेमवर्क से मुक्त किया गया .

>> Indian Overseas Bank: इंडियन ओवरसीज बैंक का शेयर शुक्रवार को 17.15 रुपए पर बंद हुआ. इसका 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 20.65 रुपया है. एक सप्ताह में इसके शेयर में 7.19 फीसदी और एक महीने में 54.50 फीसदी और तीन महीने में 49 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है.

>> Central Bank of India: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शेयर शुक्रवार को 19 रुपए पर बंद हुआ. 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 26.40 रुपए है. पिछले एक सप्ताह में इसने 7.34 फीसदी, एक महीने में 35.23 फीसदी और तीन महीने में 27.52 फीसदी का रिटर्न दिया है.

>> UCO Bank: इस सप्ताह यूको बैंक का शेयर 13.40 रुपए के स्तर पर बंद हुआ. 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 16.70 रुपए है. इस बैंक का प्रदर्शन स्थिर रहा है. इसने पिछले एक सप्ताह में 0.75 फीसदी, एक महीने में 3.88 फीसदी और तीन महीने में शून्य फीसदी का रिटर्न दिया है.

IDBI बैंक के निवेशक हुए मालामाल

इस हफ्ते आरबीआई ने IDBI बैंक को ‘प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन’ (PCA) फ्रेमवर्क से हटा दिया है. इस घोषणा के बाद इस सप्ताह इसके शेयर में 16 फीसदी और एक महीने में 45 फीसदी का उछाल आया है. इस सप्ताह इसका शेयर 42 रुपए के स्तर पर बंद हुआ था. वित्तीय स्थिति बिगड़ने की वजह से आरबीआई (RBI) ने मई 2017 में IDBI बैंक को PCA फ्रेमवर्क में डाल दिया था. मार्च 2017 में बैंक का एनपीए (NPA) 13 फीसदी से ज्यादा हो गया था. आरबीआई ने कहा, यह नोट किया गया कि 31 दिसंबर, 2020 को समाप्त तिमाही के नतीजों के मुताबिक, बैंक ने रेग्युलेटरी कैपिटल, नेट एनपीए और लीवरेज रेश्यो पर पीसीए मापदंडों के उल्लंघन में नहीं किया है.

जब शेयर मार्केट गिरता है तो कहां जाता है आपका पैसा? यहां समझिए इसका गणित

Share market: जब शेयर मार्केट डाउन होता है, तो निवेशकों का पैसा डूबकर किसके पास जाता है? क्या निवेशकों के नुकसान से किसी को मुनाफा होता है. आइए इसका जवाब बताते हैं.

  • शेयर मार्केट डिमांड और सप्लाई के फॉर्मूले पर काम करता है
  • अगर कंपनी अच्छा परफॉर्म करेगी तो उसके शेयर के दाम बढ़ेंगे
  • राजनीतिक घटनाओं का भी शेयर मार्केट पर पड़ता है असर

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जब शेयर मार्केट गिरता है तो कहां जाता है आपका पैसा? यहां समझिए इसका गणित

नई दिल्ली: आपने शेयर मार्केट (Share Market) से जुड़ी तमाम खबरें सुनी होंगी. जिसमें शेयर मार्केट में गिरावट और बढ़त जैसी खबरें आम हैं. लेकिन कभी आपने सोचा है कि जब शेयर मार्केट डाउन होता है, तो निवेशकों का पैसा डूबकर किसके पास जाता है? क्या निवेशकों के नुकसान से किसी को मुनाफा होता है. इस सवाल का जवाब है नहीं. आपको बता दें कि शेयर मार्केट में डूबा हुआ पैसा गायब हो जाता है. आइए इसको समझाते हैं.

कंपनी के भविष्य को परख कर करते हैं निवेश

आपको पता होगा कि कंपनी शेयर मार्केट में उतरती हैं. इन कंपनियों के शेयरों पर निवेशक पैसा लगाते हैं. कंपनी के भविष्य को परख कर ही निवेशक और विश्लेषक शेयरों में निवेश करते हैं. जब कोई कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है, तो उसके शेयरों को लोग ज्यादा खरीदते हैं और उसकी डिमांड बढ़ जाती है. ऐसे ही जब किसी कंपनी के बारे में ये अनुमान लगाया जाए कि भविष्य में उसका मुनाफा कम होगा, तो कंपनी के शेयर गिर जाते हैं.

डिमांड और सप्लाई के फॉर्मूले पर काम करता है शेयर

शेयर मार्केट डिमांड और सप्लाई के फॉर्मूले पर काम करता है. लिहाजा दोनों ही परिस्‍थितियों में शेयरों का मूल्‍य घटता या बढ़ता जाता है. इस बात को ऐसे लसमझिए कि किसी कंपनी का शेयर आज 100 रुपये का है, लेकिन कल ये घट कर 80 रुपये का हो गया. ऐसे में निवेशक को सीधे तौर पर घाटा हुआ. वहीं जिसने 80 रुपये में शेयर खरीदा उसको भी कोई फायदा नहीं हुआ. लेकिन अगर फिर से ये शेयर 100 रुपये का हो जाता है, तब दूसरे निवेशक को फायदा होगा.

कैसे काम करता है शेयर बाजार

मान लीजिए किसी के पास एक अच्छा बिजनेस आइडिया है. लेकिन उसे जमीन पर उतारने के लिए पैसा नहीं है. वो किसी निवेशक के पास गया लेकिन बात नहीं बनी और ज्यादा पैसे की जरूरत है. ऐसे में एक कंपनी बनाई जाएगी. वो कंपनी सेबी से संपर्क कर शेयर बाजार में उतरने की बात करती है. कागजी कार्रवाई पूरा करती है और फिर शेयर बाजार का खेल शुरू होता है. शेयर बाजार में आने के लिए नई कंपनी होना जरूरी नहीं है. पुरानी कंपनियां भी शेयर बाजार में आ सकती हैं.

शेयर का मतलब हिस्सा है. इसका मतलब जो कंपनियां शेयर बाजार या स्टॉक मार्केट में लिस्टेड होती हैं उनकी हिस्सेदारी बंटी रहती है. स्टॉक मार्केट में आने के लिए सेबी, बीएसई और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) में रजिस्टर करवाना होता है. जिस कंपनी में कोई भी निवेशक शेयर खरीदता है वो उस कंपनी में हिस्सेदार हो जाता है. ये हिस्सेदारी खरीदे गए शेयरों की संख्या पर निर्भर करती है. शेयर खरीदने और बेचने का काम ब्रोकर्स यानी दलाल करते हैं. कंपनी और शेयरधारकों के बीच सबसे जरूरी कड़ी का काम ब्रोकर्स ही करते हैं.

निफ्टी और सेंसेक्स कैसे तय होते हैं?

इन दोनों सूचकाकों को तय करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर है कंपनी का प्रदर्शन. अगर कंपनी अच्छा परफॉर्म करेगी तो लोग उसके शेयर खरीदना चाहेंगे और शेयर की मांग बढ़ने से उसके दाम बढ़ेंगे. अगर कंपनी का प्रदर्शन खराब रहेगा तो लोग शेयर बेचना शुरू कर देंगे और शेयर की कीमतें गिरने लगती हैं.

इसके अलावा कई दूसरी चीजें हैं जिनसे निफ्टी और सेंसेक्स पर असर पड़ता है. मसलन भारत जैसे कृषि प्रधान देश में बारिश अच्छी या खराब होने का असर भी शेयर मार्केट पर पड़ता है. खराब बारिश से बाजार में पैसा कम आएगा और मांग घटेगी. ऐसे में शेयर बाजार भी गिरता है. हर राजनीतिक घटना का असर भी शेयर बाजार पर पड़ता है. चीन और अमेरिका के कारोबारी युद्ध से लेकर ईरान-अमेरिका तनाव का असर भी शेयर बाजार पर पड़ता है. इन सब चीजों से व्यापार प्रभावित होते हैं.

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