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अपने दलाल दर

अपने दलाल दर
हाँ, लेकिन शामिल उत्तोलन के बारे में क्या?

केंद्रीय कृषि मंत्री ने हरियाणा में 30 एकीकृत पैक हाउस का उद्घाटन किया

19 नवम्बर 2022, सोनीपत: केंद्रीय कृषि मंत्री ने हरियाणा में 30 एकीकृत पैक हाउस का उद्घाटन किया केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि हरियाणा फसल उत्पादन और बागवानी में आगे है, इसकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। आज आवश्यकता है कि किसान नई फसलों की खेती करें, उत्पादन में तकनीक का उपयोग करें और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करें। खुशी की बात है कि हरियाणा का किसान और हरियाणा सरकार इसी रास्ते पर चल रही है।

केंद्रीय मंत्री सोनीपत (हरियाणा) के अटेरना गांव में राज्य भर में 30 एकीकृत पैक हाउस के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।

हरियाणा उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने प्रदेश में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना की। हरियाणा में एफपीओ के माध्यम से पूरे राज्य में 30 पैक हाउस बनाए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार ने राज्य में करीब 500 पैक हाउस बनाने की योजना बनाई है।प्रदेश में 500 पैक हाउस बनने से उद्यानिकी के क्षेत्र में क्रांति आएगी। उन्होंने फलों और सब्जियों के लिए बीमा योजना शुरू करने के लिए हरियाणा सरकार की भी प्रशंसा की।

राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का मामला: रजिस्ट्री पर 2 से 3% लेते हैं कमीशन, पटवारी भी 2 प्रतिशत कमीशन बिना नहीं खोलता नामांतरण

एक सप्ताह पहले बेगूं राजस्व विभाग के अधिकारियों पर एसीबी का छापा पड़ा तो तहसील में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए। यहां पर हर रजिस्ट्री पर 2 से 3 प्रतिशत की कमीशन राशि रिश्वत के तौर पर ली जाती है। रजिस्ट्री के बाद यदि पटवारी को दो प्रतिशत रिश्वत नहीं दी गई तो भूमि का नामांतरण खोलने के लिए लोग चक्कर लगाते थक जाते हैं। तहसील में पंजीयन शाखा का बाबू और दलाल रजिस्ट्री पर कमीशन तय करते हैं। सात दिन पहले चित्तौड़गढ़ एसीबी टीम ने बेगूं तहसील के रजिस्ट्री बाबू असलम कुरैशी को तीन लाख रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था।

एसडीएम मुकेश कुमार मीणा और तहसील रामधन गुर्जर को भी इस मामले में नामजद किया गया। अपने दलाल दर तहसील और एसडीएम आफिस पर एसीबी की कार्रवाई के बाद दैनिक भास्कर ने इस भ्रष्टाचार के खेल की पड़ताल की तो कई तथ्य सामने आए। भूमि विक्रय का सौदा यदि पांच लाख का हुआ, तो डीएलसी दर के मुताबिक चालान जमा होने और उसकी रसीद कटने के बाद 2 प्रतिशत के हिसाब से 10 हजार और 3 प्रतिशत के हिसाब से 15 हजार की रिश्वत कमीशन के नाम ली जाती है।

धक्के खाते ग्रेटर नोएडा के किसान : चूहड़पुर के धीरज सिंह को 20 फुट गहरे गड्ढे में दिया आबादी का भूखंड,16 वर्षों से नहीं मिला कब्जा


Greater Noida : एक तरफ ग्रेटर नोएडा के किसान हैं, जो दशकों पहले विकास प्राधिकरण (Greater Noida Authority) को अपनी जमीन देकर अपने हकों के लिए दफ्तर-दफ्तर धक्के खा रहे हैं। दूसरी तरफ दलालों का एक अपने दलाल दर गैंग है, जो इन किसानों के हकों पर येन-केन-प्रकारेण कब्जा करके मालामाल हो रहा है। यह सारा खेल किसानों के 4%, 6% और 10% आबादी भूखंडों को लेकर खेला जा अपने दलाल दर रहा है। हम ऐसे ही किसानों की 'व्यथा कथा' आपके सामने पेश कर रहे हैं, जो लंबे अरसे से प्राधिकरण अफसरों की उपेक्षा, मनमानी और भ्रष्टाचार के शिकार हैं। हमारी इस समाचार श्रृंखला में आज चूहड़पुर गांव के धीरज सिंह क दर्द आपके सामने रख रहे हैं।

16 साल से आबादी भूखंड पर कब्जा नहीं मिला
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के दायरे वाले चूहड़पुर गांव के निवासी धीरज सिंह पुत्र चंदन सिंह ने बताया कि वर्ष 2000 से पहले उनकी 22,310 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया गया था। अधिग्रहीत भूमि के सापेक्ष किसानों को भविष्य का आबादी विस्तार करने के लिए 6% भूखंडों का आवंटन किया जाता है। हमें 1,340 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले आबादी भूखंड का आवंटन 25 जुलाई 2006 को किया गया, लेकिन आज तक इस भूखंड पर हमें कब्जा नहीं मिला है। यह बस कागजों पर हमारे नाम है। दरअसल, इस प्लॉट तक जाने का रास्ता ही उपलब्ध नहीं है। अब 16 साल बीत गए हैं और प्राधिकरण हमारे प्लॉट तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं बना पाया है।

भारत और अजरबैजान के विदेश कार्यालय के बीच विचार-विमर्श का पांचवां दौर कल नई दिल्ली में आयोजित हुआ

भारत अपने दलाल दर और अजरबैजान के विदेश कार्यालय के बीच विचार-विमर्श का पांचवां दौर कल नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इस दौरान दोनों देशों ने राजनीतिक, व्यापारिक, आर्थिक तथा शिक्षा संबंधी द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। क्षेत्रीय मुद्दों और संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य निकायों में सहयोग से संबंधित विचारों का भी आदान-प्रदान हुआ। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सचिव संजय वर्मा ने किया।

इस वर्ष भारत और अजरबैजान अपने राजनयिक संबंधों की 30वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। भारत पहला ऐसा देश था जिसने वर्ष 1991 में अजरबैजान की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी।

भारत और अजरबैजान के बीच व्यापार, वाणिज्य तथा ऊर्जा क्षेत्र में काफी सहयोग है। दोनों देशों का आपसी व्यापार कई गुना बढ़ चुका है और यह करीब एक अरब डॉलर के आसपास है। भारत के लिए अजरबैजान कच्चे तेल का महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है।ओ.एन.जी.सी. विदेश लिमिटेड ने अजरबैजान के साथ हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदारी की है।

क्या रियल एस्टेट शेयर बाजार से बेहतर निवेश है?

हम 28 साल शेष के साथ उप -3% बंधक के साथ एक नकदी-प्रवाह वाली किराये की संपत्ति के मालिक हैं। पर पोर्टफोलियो रेस्क्यू का 18 अगस्त का एपिसोड, बैरी ने कहा “रियल एस्टेट कमोबेश शून्य मुद्रास्फीति का शुद्ध रिटर्न देता है।” हालांकि, क्या यह कथन मोर्टगेज द्वारा प्रदान किए गए उत्तोलन को ध्यान में रखता है? स्टॉक और अपने दलाल दर रियल एस्टेट के बीच वापसी की तुलना स्टॉक के पक्ष में प्रतीत होती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ये तुलना कभी बंधक उत्तोलन को ध्यान में रखती है या नहीं। साथ ही, एक कारक एक बंधक दर कैसे करता है जो वर्तमान मुद्रास्फीति से कम कैलकुलेशन में है? 20 साल के समय क्षितिज पर, क्या वास्तव में सैद्धांतिक रूप से संपत्ति को बेचना और आय को स्टॉक/बॉन्ड के कुछ संयोजन में निवेश करना बेहतर होगा? -निक

रॉबर्ट शिलर श्रमसाध्य रूप से 1890 तक अमेरिकी घरेलू कीमतों का एक सूचकांक बनाया।

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