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मूल्य क्षय

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सामग्री की हानि या क्षय से क्या तात्पर्य है? ये कितने प्रकार के होते हैं?

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जल्दी खराब संपत्ति बेचने के लिए पावर.

459. ऐसी संपत्ति के अधिकार के हकदार व्यक्ति अज्ञात या अनुपस्थित है और संपत्ति तेजी से और प्राकृतिक क्षय के अधीन है, या मजिस्ट्रेट इसकी जब्ती की सूचना दी है जिसे अगर इसकी बिक्री मालिक के लाभ के लिए हो सकता है, या होता राय है कि यदि ऐसी संपत्ति का मूल्य कम से कम है कि 1 [पांच सौ] रुपए, मजिस्ट्रेट किसी भी समय इसे बेचा जा करने के लिए प्रत्यक्ष कर सकते हैं; और वर्गों 457 और 458 के प्रावधानों के रूप में लगभग साध्य हो सकता है, के रूप में इस तरह के बिक्री की शुद्ध आय को लागू नहीं होगी.

1आपराधिक प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2005 से प्रभावी द्वारा "दस" के लिए एवजी 23-6-2006.

विद्यार्थियों को दी क्षय रोग की जानकारी

जवां : पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इकाई जवां के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक मृदुल कुमार सिंह के नेतृत्व में उच्च प्राथमिक विद्यालय तेसपुर में छात्रों को क्षय रोग संबंधी जानकारी दी गई।

श्री सिंह ने क्षय रोग पर स्वयं रचित कविता सुनाकर तालियां बटोरी। आओ सभी को दे खबर, नजदीक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षय रोग का पक्का इलाज उपलब्ध मुफ्त डाट्स आज। हो खांसी दो सप्ताह से, ना जाए दवा आम से। सीना दर्द, रक्त बलगम, भूख न लगे हो वजन कम। इस अवसर पर मुकेश शर्मा, राजेंद्र जैन सहित तमाम शिक्षक व छात्र मौजूद थे।

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सामग्री की हानि या क्षय से क्या तात्पर्य है? ये कितने प्रकार के होते हैं?

सामग्री की हानि या क्षय से क्या तात्पर्य है? ये कितने प्रकार के होते हैं?

सामग्री की हानि या क्षय से क्या तात्पर्य है? ये कितने प्रकार के होते हैं?

सामग्री की हानि या क्षय से क्या मूल्य क्षय तात्पर्य है? ये कितने प्रकार के होते हैं? क्षय के लेखांकन की विधि बताइए।

क्षय का आशय- किसी एक वस्तु के निर्माण में कितनी सामग्री प्रयोग की जाती है, वस्तु के निर्माण हो जाने पर सामग्री की वह मात्रा कम हो जाती है क्योंकि कुछ सामग्री क्षय हो जाती है, कुछ सामग्री काट-छाँट के कारण कम हो जाती है, कुछ विकृत हो जाती है तो कुछ दोषपूर्ण हो जाती है। सामग्री की इस प्रकार की हानि दो प्रकार की हो सकती है- (1) दृश्य, तथा (2) अदृश्य ।

दृश्य हानि वह है जो आँख से देखी जा सके और इसकी उपस्थिति को अनुभव किया जा सके। परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि समूची दृश्य हानि को बटोरा जा सके, प्रयोग में लाया जा सके अथवा सभी को बेचा जा सके।

अदृश्य हानि वह है जो कि सामग्री का वजन कम हो जाने के कारण होती है, जैसी कि नमी सूख जाने के कारण वजन कम हो जाय।

क्षय के प्रकार

क्षय दो प्रकार का होता है- (1) सामान्य क्षय, (2) असामान्य क्षय

सामान्य क्षय (Normal Wastage)— यह क्षय वह है जो कि उत्पादन की प्रक्रिया में होना स्वाभाविक है, अर्थात् जिस क्षय की कल्पना व गणना पहले से ही की जा सकती है। अनुभव के आधार पर यह ज्ञात किया जा सकता है कि उत्पादन में कितने प्रतिशत सामान्य क्षय होगा।

असामान्य क्षय (Abnormal Wastage)– असामान्य क्षय वह है जो कि उत्पादन प्रक्रिया में अस्वाभाविक ढंग से हुआ है। सामान्य क्षय से यदि अधिक क्षय होता है तो वह आधिक्य असामान्य क्षय है। यह क्षय प्रबन्धकों के गलत नियोजन, अवैधानिक ढंग से कार्य करना, प्राकृतिक प्रकोप आदि के फलस्वयप होता है।

क्षय का लेखांकन

आमतौर पर क्षय का कोई मूल्य नहीं होता है। यदि उसको बेचने से कोई मूल्य प्राप्त होता है तो उससे उत्पादन क्रेडिट कर दिया जाता है; शेष सामान्य क्षय की हानि उत्पादन को वहन करनी पड़ती है। असामान्य क्षय की हानि परिव्यय लाभ-हानि खाते को ले जायी जाती है। यदि 200 इकाइयों की लागत 1,800 रु. है, यानि प्रति इकाई मूल्य 9 रु. है और सामान्य क्षय 10% है जिसका कोई प्राप्त मूल्य नहीं है तो क्षय के पश्चात् 180 इकाइयों को ही 1,800 रु. की लागत वहन करनी पड़ेगी और प्रति इकाई मूल्य 10 रु. हो जायेगा।

यदि यही हानि असामान्य प्रकृति की होती तो उत्पादन को 9 रु. प्रति इकाई से 180 x 9 = 1,620 रुपये से डेबिट किया जाता है और शेष 20 इकाइयों के मूल्य 20 x 9 = 180 रु. को परिव्यय लाभ-हानि खाते में दिखाया जाता है।

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विभाग किसान कल्याण और कृषि विकास
कार्यालय उप संचालक कृषि राजगढ़
कार्यालय का पता एसपी कार्यालय के सामने, केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ के पीछे
कार्यालय ई-मेल [email protected]
कार्यालय का फोन
अधिकारी का नाम उपसंचालक कृषि
अधिकारी मोबाइल

योजनाओ के लिये आवेदन

क्रमांक योजना का नाम /(वेबसाइट/लिंक) आवेदन का प्रकार (ऑनलाइन/ऑफ़लाइन) रिमार्क
(कोई अन्य विवरण)
मोबाइल एप्लिकेशन
डाउनलोड लिंक
1 ई-कृषि यंत्र अनुदान ऑनलाइन कृषि उपकरण अनुदान पर लेने हेतु आवेदन e-कृषियंत्र सेवा
2 प्रधान मंत्री कृषि सिचाई योजना ऑनलाइन कृषि सिंचाई उपकरण अनुदान पर लेने हेतु आवेदन e-कृषियंत्र सेवा
3 बलराम तालाब ऑनलाइन बलराम तालाबअनुदान पर बनवानेहेतु आवेदन e-कृषियंत्र सेवा
4 लोकसेवा गारंटी मध्य प्रदेश ऑनलाइन उर्वरक, कीटनाशक एवं बीज लाइसेंस के आवेदन एमपी मोबाइल
5 सी.एम. हेल्पलाइन ऑनलाइन कृषको द्वारा विभागीय योजनाओ से सम्बंधित समस्याओ हेतु मोबाइलसे 181 पर कॉल करने पर शिकायत का निराकरण सी.एम. हेल्पलाइन
6 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऑनलाइन प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) सरकार (कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय) प्रायोजित फसल बीमा योजना है
7 उर्वरक और कीटनाशक लाइसेंस ऑनलाइन उर्वरक एवं कीटनाशक के विनिर्माण लायसेंस हेतु आनलाईन आवेदन
8 माइक्रो सिचाई ऑनलाइन माइक्रो सिचाई/उद्यानिकी उपकरण – उद्यानिक एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग-ऑनलाइन आवेदन

योजनाओ की प्रगति

एगमार्कनेट पोर्टल कृषि विपणन से संबंधित विभिन्न संगठनों की वेबसाइटों के आकलन के लिए एकल खिड़की के रूप में भी कार्य करता है। यह प्रमुख कृषि जिंसों के संबंध में महत्वपूर्ण बाजारों के लिए साप्ताहिक मूल्य प्रवृत्ति रिपोर्ट भी प्रदान करता है। यह महत्वपूर्ण वस्तुओं के लिए स्पॉट और भविष्य की कीमतें प्रदान करने के लिए ऑनलाइन मूल्य क्षय एक्सचेंज पोर्टल्स के साथ जुड़ा हुआ है। इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कृषि जिंसों के अंतर्राष्ट्रीय मूल्य रुझान भी सुलभ हैं।

पीएम- किसान सम्मान निधि भारत सरकार से 100% वित्त पोषण के साथ एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है , यह 1-12-2018 से चालू हो गई है। योजना के तहत तीन समान किस्तों में रु .6000 / – प्रति वर्ष की आय सहायता दी जाएगी ,राज्य सरकार उन किसान परिवारों की पहचान करेगी जो योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार समर्थन के पात्र हैं। फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा।

‘गांधी के प्रश्न’ पर व्याख्यान, प्रस्तुति : सुशील कान्ति

गांधी ने स्वाधीनता आंदोलन के दौरान आध्यात्मिक प्रश्नों के साथ स्वराज और स्वतंत्रता के प्रश्न उठाए थे| गांधी के जीवन और विचारों से भारत नहीं, संपूर्ण मानव जाति के उत्थान की भावना मजबूत होती है| गांधी जयंती और परिषद स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय भाषा परिषद में आयोजित वेब-संगोष्ठी में ये विचार व्यक्त किए गए|

भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष डॉ. कुसुम खेमानी ने वेबिनार से जुड़े अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान मूल्य-क्षय के युग में गांधी के विचारों की बड़ी जरूरत है| गांधी का विश्व भर में इधर पहले से ज्यादा आदर बढ़ा है| देश में भी उनके प्रति आदर का कोई अर्थ तभी है जब उनके विचारों के प्रति आदर बढ़ेगा| दिल्ली के विकासशील अध्ययन पीठ के प्रोफेसर निशिकांत कोलगे ने कहा कि गांधी वेदांत और टॉल्सटाय से प्रभावित थे| उन्होंने अपने युग धर्म पर चिंतन करते हुए पाया कि राजनीति को मूल्यों से जोड़ने की जरूरत है| उन्होंने धर्म को संप्रदाय के रूप में नहीं मूल्यों के रूप में पहचाना| उनके विचारों का बीज रूप ‘हिंद स्वराज’ (१९०९) में है| वे चाहते थे कि भारत के लोग समानता, एकता और सद्भावना के आधार पर स्वराज की समझ बनाएं| गांधी बहुत प्रासंगिक सोच रखते थे| आज होते तो जरूर किसान आंदोलन और इंटरनेट के संजाल पर भी अपने विचार रखते|

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और चिंतक अपूर्वानंद ने गांधी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गांधी का केंद्रीय प्रश्न यह मूल्य क्षय था कि वैष्णव जन कौन है, उसके राजनीतिक गुण क्या हो सकते हैं| उन्होंने बताया कि राजनीति का अर्थ पंक्ति में खड़े अंतिम मनुष्य के हित में सोचना है| राजनीति बिना नैतिकता के हो नहीं सकती| गांधी जी एक ऐसी राजनीतिक भाषा का निर्माण करने की कोशिश करते हैं जिसमें सभी शामिल हो सकें| उन्होंने सावधान किया कि बहुसंख्यकता को बहुमत का पर्याय नहीं मानना चाहिए| मुक्ति सभी को साथ लेकर ही संभव है|

अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ लेखक और भारतीय भाषा परिषद के निदेशक शंभुनाथ ने कहा कि यह वस्तुत: गांधी-विरोधी समय है| गांधी का व्यक्तित्व एक महान भारतीय सिंथीसिस है| उन्होंने गोखले और तिलक के बीच सामंजस्य स्थापित किया| कबीर से ‘चरखा’ लिया तो तुलसी से ‘राम राज्य’ लिया| गांधी ने भारत को एक उदार और मानवीय राष्ट्र दिया है| उन्होंने ईमानदारी, सहिष्णुता और सामंजस्य को बड़े मूल्य के रूप में स्थापित किया| हमारा कर्तव्य है कि हम अपने उदारवादी और मानवतावादी देश के बुनियादी स्वभाव की रक्षा करें| विद्वेष, घृणा और हिंसा से बचें| सभा का संचालन करते हुए प्रो. संजय जायसवाल ने कहा कि गांधी जी ने सिर्फ अपने समय को ही नहीं बाद में आने वाली पीढ़ियों को दिशा देने का काम किया है| गांधी धार्मिक कट्टरवाद और आतंकवाद के युग में फिर से प्रासंगिक हो उठे हैं| परिषद के मंत्री डॉ. केयूर मजमुदार ने गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया|

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